गुड़ी पड़वा के दिन हिंदू नव वर्ष आरंभ होता है इसका अर्थ है विजय पताका ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था और नए समाचार की भी शुरुआत हुई थी इसीलिए स्थिति को नवसंवत्सर भी कहते है इस महीने में ही सभी पेड़ पौधे उगते है


इसे हिन्दू परिवारों में अलग अलग रूपो में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन हिन्दू नववर्ष की शुरुआत होती है ऐसी मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने दक्षिणी के लोगों को बाली के अत्याचार से मुक्त दिलाया था जिसकी खुशी के रूप में घरों में विजय पताका फहराया जाती है यह परंपरा महाराष्ट्र और अन्य स्थानों पर प्रमुख रूप से प्रचलित है इसी दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तथा दिन महीने और सालों की गणना पंचांग में महान गणितज्ञ भास्कराचार्य द्वारा की गई थी
विशेष पकवान बनाये जाते है


इस दिन आंध्र प्रदेश में मुख्य रूप से सभी घरों में चढ़ी नामक प्रसाद बनाकर वितरित किया जाता है और पूरन पोली नाम का एक मीठा व्यंजन बनाया जाता है जिसे शक्कर और घी के साथ मिलाकर खाया जाता है
इसी दिन चैत्र नवरात्रि आरंभ होता है जिसमें घटस्थापना ध्वजारोहण आदि विधि विधान से किए जाते हैं
इस दिन गुड़ी की पूजा करने की प्रथा है

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